10 Class social science Civics Notes in hindi chapter 7 Outcomes of Democracy अध्याय - 7 लोकतंत्र के परिणाम

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10 Class social science Civics Notes in hindi chapter 7 Outcomes of Democracy अध्याय - 7 लोकतंत्र के परिणाम

CBSE Revision Notes for CBSE Class 10 Social Science POL Outcomes of Democracy POL Outcomes of Democracy: Can or should democracy be judged by its outcomes? What outcomes can one reasonably expect of democracies? Does democracy in India meet these expectations? Has democracy led to development, security and dignity for the people? What sustains democracy in India?

Class 10th social science Civics chapter 7 Outcomes of Democracy Notes in Hindi 


📚 अध्याय - 7 📚
👉 लोकतंत्र के परिणाम 👈

🔹 आज विश्व के 100 से अधिक देश किसी ना किसी तरह की लोकतांत्रिक व्यवस्था चलाने का दावा करते हैं । इनका औपचारिक संविधान है । इनके यहां चुनाव होते हैं और राजनीतिक दल भी हैं । साथ ही वे अपने नागरिकों को कुछ बुनियादी अधिकारों की गारंटी भी देते है । 

🔹 लोकतंत्र में इस बात की पक्की व्यवस्था होती है कि फैसले कुछ कायदे कानूनों के अनुसार हों । 

✳️ पारदर्शिता :-

🔹 कोई नागरिक यह जानना चाहे कि फैसले लेने में नियमों का पालन हुआ है या नहीं तो वह इसका पता लगा सकता है । उसे न सिर्फ यह जानने का अधिकार है बल्कि उसके पास इसके साधन भी उपलब्ध हैं , इसे पारदर्शिता कहते हैं ।

✳️ लोकतंत्र शासन सबसे बेहतर है क्योंकि :-

🔹 लोकतंत्र नागरिकों में समानता के भाव को बढ़ावा देता है । 🔹 लोकतंत्र व्यक्ति की गरिमा को बढ़ावा देता है ।
🔹 लोकतंत्र बेहतर फैसले लेने कि ताकत देता है । 
🔹 लोकतंत्र टकरावों को टालने का तरीका प्रदान करता है । 
🔹 लोकतंत्र मे गलतियों को सुधारने की गुंजाईश होती है । 
🔹 लोकतंत्र ही बुनियादी संविधान होता है , जिसमें सरकार के निर्माण और चुनाव की क्रिया का वर्णन होता है । 
🔹 लोकतंत्र में नागरिकों को अधिकारों की सुरक्षा कि गारंटी होती है । 
🔹 लोकतंत्र में सभी सामाजिक , आर्थिक और राजनीतिक समस्याओं का समाधान किया जाता है । 

✳️ लोकतान्त्रिक शासन उत्तरदायी , ज़िम्मेदार और वैध शासन होता है :-

✴️ उत्तरदायी सरकार :- यह लोकतन्त्र ही है जो एक उत्तरदायी सरकार को संभव बनाता है । ऐसी सरकार कायदे - कानूनो को मानती है और लोगों के लिये जवाबदेह होती है ।क्योंकि यह लोगों की सरकार है , लोगों के द्वारा बनाई गई है तथा लोगों के लिए है । लोगों द्वारा चुने गए प्रतिनिधि लोगों के प्रति उत्तरदायी है , अगर लोग उनके कामों से खुश नहीं है , तो लोग अगले आम चुनाव मे अपने नेता बदल सकते हैं । हर काम का उत्तर देना जनप्रतिनिधियों के लिए जरूरी है ।

✴️ जिम्मेदार सरकार :- लोकतांत्रिक सरकार अधिक पारदर्शी होती है । जनता के पास यह जानने का अधिकार होता है कि फैसले किन तरीकों से लिये गये या सरकार ने कोई कार्य कैसे किया । इसलिए एक लोकतांत्रिक सरकार जनता के लिये उत्तरदायी होती है और जनता का ध्यान रखती है ।

✴️ वैध सरकार :- यह वैध शासन व्यवस्था है । यह सुस्त हो सकती है , कम कार्यकुशल हो सकती है , उसमें भ्रष्टाचार हो सकता है , लेकिन यह लोगों की जरूरतों को अनदेखा नहीं कर सकती । इसी कारण पूरी दुनिया में लोकतान्त्रिक सरकार के विचार के प्रति जबरदस्त समर्थन का भाव है । लोग अपने द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों का शासन चाहते हैं ।

✳️ आर्थिक संवृद्धि और विकास :-

🔹 यदि आर्थिक समृद्धि की बात की जाये तो इसमें तानाशाही शासन लोकतंत्र के मामले में आगे दिखता है । 1950 से 2000 तक के पचास वर्षों के आँकड़ों का अध्ययन करने से पता चलता है कि तानाशाही शासन व्यवस्था में आर्थिक समृद्धि बेहतर हुई है । लेकिन कई लोकतांत्रिक देश हैं जो दुनिया की आर्थिक शक्तियों में गिने जाते हैं । इसलिये यह कहा जा सकता है कि सरकार का प्रारूप किसी देश की आर्थिक समृद्धि को निर्धारित करने वाला अकेला कारक नहीं है । 

🔹 इसके अन्य कारक भी होते हैं , जैसे : जनसंख्या , वैश्विक स्थिति , अन्य देशों से सहयोग , आर्थिक प्राथमिकताएँ , आदि । इसलिए हमें आर्थिक संवृद्धि के साथ अन्य सकारात्मक पहलुओं को भी देखना पड़ेगा । इस दृष्टिकोण से लोकतंत्र हमेशा तानाशाही से बेहतर होता है 

✳️ असमानता और गरीबी में कमी :-

🔹 आर्थिक असमानता पूरी दुनिया में बढ़ रही है । भारत की जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा गरीब है । गरीबों और अमीरों की आय के बीच एक बहुत बड़ी खाई है । लोकतंत्र अधिकांश देशों में आर्थिक असमानता मिटाने में असफल ही रहा है । 

✳️ सामाजिक विविधताओं में सामंजस्य :-

🔹 हर देश सामाजिक विविधताओं से भरा हुआ है । इसलिए विभिन्न वर्गों के बीच टकराव होना स्वाभाविक है । लोकतंत्र ऐसे तरीकों का विकास करने में मदद करता है जिनसे समाज के विभिन्न वर्गों के बीच एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हो सके । लोकतंत्र में लोग विविधता का सम्मान करना और मतभेदों के समाधान निकालना सीख जाते हैं । अधिकतर लोकतांत्रिक देशों में सामाजिक विविधता में तालमेल बना रहता है । इसके कुछ अपवाद हो सकते हैं , जैसे : श्रीलंका । 

✳️ नागरिकों की गरिमा और आजादी :-

🔹 लोकतंत्र ने नागरिकों को गरिमा और आजादी प्रदान की है । भारत में कई सामाजिक वर्ग हैं जिन्होंने वर्षों तक उत्पीड़न झेला है । लेकिन लोकतांत्रिक प्रक्रिया के फलस्वरूप इन वर्गों के लोग भी आज सामाजिक व्यवस्था में ऊपर उठ पाये हैं और अपने हक को प्राप्त किया है ।

✳️  महिलाओं की समानता :-

🔹 लोकतंत्र के कारण ही यह संभव हो पाया है कि महिलाएँ समान अधिकारों के लिये संघर्ष कर पाईं । आज अधिकांश लोकतांत्रिक देशों की महिलाओं को समाज में बराबर का दर्जा मिला हुआ है । तानशाह देशों में आज भी महिलाओं को समान अधिकार नहीं प्राप्त हैं । 

✳️ जातिगत असमानता :-

🔹 जातिगत असामनता भारत में जड़ जमाये बैठी है । लेकिन लोकतंत्र के कारण इसकी संख्या काफी कम है । आज पिछड़ी जाति और अनुसूचित जाति के लोग भी हर पेशे में शामिल होने लगे हैं ।

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