11th class history notes in Hindi Chapter 11 Paths to Modernization विषय - 11 आधुनिकीकरण के रास्ते

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11th class history notes in Hindi Chapter 11 Paths to Modernization  विषय - 11 आधुनिकीकरण के रास्ते  


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Class 11 history notes chapter 11 path to modernization


चीन में साम्यवादी सरकार की स्थापना :- 1949 में हुई । 

चीन में छींग राजवंश का अंत :- 

🔹 1644 से 1911 तक चीन में छींग राजवंश का शासन था | 19 वीं सदी के शुरुआत में चीन का पूर्वी एशिया पर प्रभुत्व था | यहाँ छींग राजवंश का शासन था | कुछ ही दशकों के भीतर चीन अशांति की गिरफ्त में आ गया और औपनिवेशिक चुनौती का सामना नहीं कर पाया | छींग राजवंश कारगर सुधार करने में असफल रहा और देश गृहयुद्ध की लपटों में आ गया , और छींग राजवंश के हाथों से राजनितिक नियंत्रण चला गया | 

19 वीं सदी में जापान में औद्योगिक अर्थतंत्र की रचना :- 

🔹 18 वीं सदी के अंत और 19 वीं सदी के शुरुआत में जापान ने अन्य एशियाई देशों की तुलना में काफी अधिक प्रगति की | 

( i ) जापान एक आधुनिक राष्ट्र - राज्य के निर्माण में , औद्योगिक अर्थतंत्र की रचना में चीन को काफी पीछे छोड़ दिया । 

( ii ) ताइवान ( 1895 ) तथा कोरिया ( 1910 ) को अपने में मिलाते हुए एक औपनिवेशिक साम्राज्य कायम करने में सफल रहा । 

( iii ) उसने अपनी संस्कृति और अपने आदर्शों की स्रोत - भूमि चीन को 1894 में हराया और 1905 में रूस जैसी यूरोपीय शक्ति को पराजित करने में कामयाब रहा । 

चीन और जापान के भौगोलिक स्थिति में अंतर : -

चीन :-

( i ) चीन एक विशालकाय महाद्वीप देश है ।
( ii ) यहाँ की जलवायु में विविधता पाई जाती है । 
( iii ) यहाँ कई राष्ट्रिय भाषाएँ हैं । 
( iv ) खानों में क्षेत्रीय विविधता पाई जाती है । 

जापान :- 

( i ) जापान एक द्वीप श्रृंखला वाला देश है । 
( ii ) इसमें चार मुख्य द्वीप शामिल हैं , मुख्य द्वीपों की 50 प्रतिशत से अधिक जमीन पहाड़ी है । 
( iii ) यहाँ की प्रमुख भाषा जापानी है । 
( iv ) जापान बहुत ही सक्रीय भूकंप क्षेत्र में है । 

आधुनिक दुनियाँ में धीमी चीनी प्रतिक्रिया :-

🔹 जापान के समक्ष देखा जाय या अन्य यूरोपीय देशों को के साथ तुलना की जाए तो चीनी प्रतिक्रिया धीमी रही और उनके सामने कई कठिनाइयाँ आईं । 

( i ) आधुनिक दुनिया का सामना करने के लिए उन्होंने अपनी परंपराओं को पुनः परिभाषित करने का प्रयास किया । 

( ii ) अपनी राष्ट्र - शक्ति का पुनर्निर्माण करने और पश्चिमी व जापानी नियंत्रण से मुक्त होने की कोशिश की । 

( iii ) उन्होंने पाया कि असमानताओं को हटाने और अपने देश के पुनर्निर्माण के दुहरे मकसद को वे क्रांति के जरिए ही हासिल कर सकते हैं ।


✳️ मेजी पुनर्स्थापना :-

🔹 मेजी पुनर्स्थापना का अर्थ है , प्रबुद्ध सरकार का गठन | सन 1867 - 68 के दौरान मेजी वंश का उदय हुआ और देश में विद्यमान विभिन्न प्रकार का असंतोष मेजियों की पुनर्स्थापना का कारण बना |

✳️  मेजियों के पुनर्स्थापना के पीछे कारण :- 

( i ) देश में तरह - तरह का असंतोष था |

( ii ) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार व कूटनीतिक संबंधों की भी मांग की जा रही थी ।

✳️ मेजी शासन के अंतर्गत जापान में अर्थव्यवस्था का आधुनिकरण :- 

( i ) कृषि पर कर
( ii ) जापान में रेल लाइन बिछाना
( iii ) वस्त्र उद्योगों के लिए मशीनों का आयात
( iv ) मजदूरों का विदेशी कारीगरों द्वारा प्रशिक्षण
( v ) विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए विदेश भेजना
( vi ) आधुनिक बैंकिंग व्यवस्था का प्रारंम्भ
( vii ) कंपनियों को कर में छुट और सब्सिडी देना

✳️ जापान में मेजियों द्वारा शिक्षा एवं विद्यालयी व्यवस्था में बदलाव :- 

( i ) लडके और लड़कियों के लिए स्कूल जाना अनिवार्य ।
( ii ) पढाई की फ़ीस बहुत कम करना ।
( iii ) आधुनिक विचारों पर जोर देना |
( iv ) राज्य के प्रति निष्ठा और जापानी इतिहास के अध्ययन पर बल दिया गया ।
( iv ) किताबों के चयन और शिक्षकों के प्रशिक्षण पर नियंत्रण |
( v ) माता - पिता के प्रति आदर , राष्ट्र के प्रति वफ़ादारी और अच्छे नागरिक बनने की प्रेरणा दी गई ।

✳️ जापान में मेजियों द्वारा पर्यावरण पर उद्योगों के विकास का प्रभाव :-

🔹  लकड़ी जैसे प्राकृतिक संसाधनों की मांग से पर्यावरण पर विनाशकारी प्रभाव ।

🔹 औद्योगीकरण के कारण वायु प्रदूषण , जल प्रदूषण का बढ़ना ।

🔹 कृषि उत्पादों में कमी का प्रमुख कारण लोगों का शहरों की तरफ पलायन ।

 ✳️ चियांग काईशेक के कार्य :-

🔹 वारलार्ड्स पर नियन्त्रण करना ।

🔹  साम्यवादियों का खात्मा ।

🔹 सेक्यूलर और ' इहलौकिक ' कन्फ्यूशियसवाद की हिमायत की । राष्ट्र का सैन्यकरण का प्रयास ।

🔹  महिलाओं के चार सद्गुण पैदा करने के लिए प्रोत्साहित किया । सतीत्व , रूप - रंग , वाणी और काम ।

✳️ देश को एकीकृत करने में असफलता के कारण :-

🔹 संकीर्ण सामाजिक आधार ।

🔹 सीमित राजनीतिक दृष्टि ।

🔹 पूँजी नियमन और भूमि अधिकारों में समानता लाने में असमर्थता ।

🔹  लोगों की समस्या पर ध्यान न देकर , फौजी व्यवस्था थोपने का प्रयास किया ।

✳️ चीनी बहसों में तीन समूहों के नजरिए :-

( i ) कांग योवेल ( 1858 - 1927 ) या लियांग किचाऊ ( 1873 - 1929 ) ।

( ii ) गणतंत्र के दुसरे राष्ट्राध्यक्ष सन यान - सेन |

( iii ) चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ।

✳️ आधुनिक चीन की शुरुआत :-

🔹  आधुनिक चीन की शुरुआत सोलहवीं और सत्रहवीं सदी में पश्चिम के साथ उसका पहला सामना होने के समय से माना जाता है ।

✳️ जेसुइट मिशनरियाँ :-

🔹  जेसुइट मिशनरियों ने चीन में खगोल विद्या और गणित जैसे पश्चिमी विज्ञानों को वहाँ पहुँचाया |

✳️ पहला अफीम युद्ध :-

🔹  पहला अफीम युद्ध ब्रिटेन और चीन के बीच ( 1839 1942 ) हुआ | इस युद्ध में ब्रिटेन ने अफीम के फायदेमंद व्यापार को बढ़ाने के लिए सैन्य बलों का इस्तेमाल किया ।

✳️ पहला अफीम युद्ध का परिणाम :- 

( i ) इस युद्ध ने सताधारी क्विंग राजवंश को कमजोर किया |

( ii ) सुधार तथा बदलाव के माँगों को मजबूती दी ।

✳️ सन यात - सेन 

🔹 सन यात - सेन के नेतृत्व में 1911 में मांचू साम्राज्य को समाप्त कर दिया गया और चीनी गणतंत्र की स्थापना की गई । वे आधुनिक चीन के संस्थापक माने जाते हैं । वे एक गरीब परिवार से थे और उन्होंने मिशन स्कूलों से शिक्षा प्राप्त की जहाँ उनका परिचय लोकतंत्र व ईसाई धर्म से हआ । उन्होंने डॉक्टरी की पढ़ाई की , परंतु वे चीन के भविष्य को लेकर चिंतित थे । उनका कार्यक्रम तीन सिद्धांत ( सन मिन चुई ) के नाम से प्रसिद्ध है ।


✳️ सन यात - सेन के तीन सिद्धांत :-

ये तीन सिद्धान्त हैं

🔹 राष्ट्रवाद - इसका अर्थ था मांचू वंश - जिसे विदेशी राजवंश के रूप में माना जाता था - को सत्ता से हटाना , | साथ - साथ अन्य साम्राज्यवादियों को हटाना ।

🔹 गणतांत्रिक सरकार की स्थापना - अन्य साम्राज्यवादियों को हटाना तथा गणतंत्र की स्थापना करना ।

🔹 समाजवाद - जो पूँजी का नियमन करे और भूस्वामित्व में समानता लाए । सन यात - सेन के विचार कुओमीनतांग के राजनीतिक दर्शन का आधार बने । उन्होंने कपड़ा , खाना , घर और परिवहन , इन चार बड़ी आवश्यकताओं को रेखांकित किया ।

✳️ ताइवान में लोकतंत्र की स्थापना :-

🔹  1975 में चियांग काइशेक की मौत के बाद धीरे - धीरे शुरू हुआ और 1887 में जब फौजी कानून हटा लिया गया तथा विरोधी दलों को क़ानूनी इजाजत मिल गई , तब इस प्रक्रिया ने गति पकड़ी । पहले स्वतंत्र मतदान ने स्थानीय ताइवानियों को सत्ता में लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी ।

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