Class 12 History Notes Chapter 7 An imperial capital Vijayanagara एक साम्राज्य की राजधानी विजयनगर ( लगभग चौदहवीं का सोलहवीं सदी तक )

Class 12 History Notes Chapter 7 An imperial capital Vijayanagara  एक साम्राज्य की राजधानी विजयनगर ( लगभग चौदहवीं का सोलहवीं सदी तक )



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1️⃣🔹विजयनगर अथवा ' विजय का शहर ' साम्राज्य की स्थापना 14वीं शताब्दी में की गई थी । 

2️⃣🔹यह कृष्णा तुंगभद्रा दोआब क्षेत्र में स्थित था । इसके प्रमुख शासक कृष्ण देव राय थे । ( शासन काल 1509 - 1529 ) 

3️⃣🔹हम्पी के भग्नावशेष 1800 ई . में एक अभियंता तथा पुराविद कर्नल कॉलिन मैकेन्जी द्वारा प्रकाश में लाए गए थे । । 

4️⃣🔹मैकेन्जी , जो ईस्ट इंडिया कंपनी में कार्यरत थे , ने इस स्थान का पहला सर्वेक्षण मानचित्र तैयार किया था । 

5️⃣🔹विजयनगर साम्राज्य की स्थापना दो भाइयों - हरिहर और बुक्का द्वारा 1336 में की गई थी । 

6️⃣🔹विजयनगर साम्राज्य के शासक अपने आप को ' राय ' कहते थे । 

7️⃣🔹विजयनगर शासकों के दक्कन के सुल्तान तथा उड़ीसा के गजपति शासकों के साथ संघर्ष हुए । 

8️⃣🔹इस काल में शासक अश्व सेना के घोड़ो के लिए अरब व्यापारियों पर निर्भर विजयनगर मसालों , वस्त्रों तथा रत्नों के बाजारों के लिए प्रसिद्ध था । 

9️⃣🔹व्यापार से प्राप्त राजस्व राज्य की समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देता था । 

1️⃣0️⃣🔹विजयनगर पर संगम , सुलुव , तुलुव व अराविदु वंशो ने शासन किया ।

1️⃣1️⃣🔹विजयनगर के सर्वाधिक प्रसिद्ध राजा कृष्णदेव राय ' तुलुब वंश ' से संबंधित थे । इनके शासन की चारित्रिक विशेषता विस्तार और सुदृढीकरण था । इन्होंने शासनकाल के विषय में अयुक्त मल्यपद नामक तेलंगु भाषा में एक कृति लिखी । 

1️⃣2️⃣🔹विजयनगर शहर को विशाल किलेबन्दी की गयी थी । अब्दुल रज्जाक के अनुसार इसे 7 दिवारों से घेरा गया था । इनसे शहर , कृषि क्षेत्र तथा जंगलों को भी घेरा गया था । 


1️⃣3️⃣🔹कुएँ , बरसात के पानी वाले जलाशय तथा मांदरों के जलाशय आदि सम्भवतः सामान्य नगर निवासियों के लिए पानी के स्रोत का कार्य करते थे । 

1️⃣4️⃣🔹सबसे प्रभावशाली दो मंच हैं - ‘ सभा मंडप ' और ' महानवमी डिव्या ' । 

1️⃣5️⃣🔹राजकीय केन्द्र में सबसे सुन्दर भवनों में एक है ' लोटस महल ' । 

1️⃣6️⃣🔹' नायक ' सेना प्रमुख थे । उनके पास सशस्त्र समर्थक सैनिक होते थे । 

1️⃣8️⃣🔹' अमर नायक ' सेना के सैनिक कमांडर थे । 

1️⃣9️⃣🔹विजयनगर में दो प्रसिद्ध मन्दिर विरुपाक्ष मन्दिर एवं विट्ठल मन्दिर । 

2️⃣0️⃣🔹' हजारा राम मन्दिर ' विजयनगर के राजकीय केन्द्र में स्थित है । 

2️⃣1️⃣🔹दक्षिण के मंदिरों के ऊँचे द्वारों को ' गोपुरम ' कहा जाता है । 

2️⃣2️⃣🔹महानवमी डिब्बा - एक विशालकाय मंच हो जो लगभग 11000 वर्ग फीट के आधार से 40 फीट की ऊँचाई तक जाता है । 

2️⃣3️⃣🔹शहरी केन्द्र - शहरी केन्द्र की सड़को पर सामान्य लोगो के आवासो के कम साक्ष्य मिले है । पुरातत्वविदो को कुछ स्थानो प परिष्कृत चीनी मिट्टी मिली है । उनका सुझाव है कि यहाँ पर अमीर व्यापारी रहते होंगे । 

2️⃣4️⃣🔹पुर्तगाली यात्री बारबोसा के अनुसार सामान्य लोगों के आवास छप्पर के है पर फिर भी सुदृढ है , व्यवसाय के आधार पर कई खले स्थानो वाली लम्बी गलियों में व्यवस्थित है । 



भाग एक


भाग दो 

भाग तीन


2️⃣5️⃣🔹जल सम्पदा - तुंगभद्रा नदी उत्तर पश्चिम दिशा को बहती है विजयनगर को भौगोलिक स्थित के विषम में सबसे चौकाने वाला तथ्य इस नदी द्वारा निर्मित प्राकृतिक कुंड हैं ।

✴️ कमलपुरम जलाश्य एक महत्वपूर्ण हौज है जिसका निर्माण 15वीं शताब्दी के आरम्भिक वर्षों में हुआ इसे नहर के माध्यम से राजकीय केन्द्र तक भी ले जाया जाता था ।
✴️ हिरिया नहर महत्वपूर्ण जल सम्पदाओं में से एक है जिसे भग्नावशेषों के बीच देखा का सकता है । 

2️⃣6️⃣🔹राक्षस तंगडी ( तालीकोट ) का युद्ध 1565 में विजयनगर की सेना प्रधानमंत्री मराय के नेतृत्व में राक्षस तंगडी के युद्ध में उतरी जहां उसे बीजापुर , गोलकुंडा एवं अहमदनगर की संयुक्त सेनाओ द्वारा शिकस्त मिली । 

2️⃣7️⃣ . विजयनगर साम्राज्य में आने वाले तीन यात्री । 

1 . अब्दुर रज्जाक फारस 2 . निकोलो कोन्ती इटली 3 . डोमिंगो पेस इटली

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