Class 12 History Notes Chapter 4 Thinkers, Beliefs and Buildings Cultural Developments(( विचारक , विश्वास और ईमारतें ( सांस्कृतिक विकास ) लगभग 600 ई . पू . से 600 ई .))

Class 12 History Notes Chapter 4 Thinkers, Beliefs and Buildings Cultural Developments(( विचारक , विश्वास और ईमारतें ( सांस्कृतिक विकास ) लगभग 600 ई . पू . से 600 ई .))




1️⃣🔹महान दार्शनिकों के विचार भौतिक और लिखित परम्पराओं में संग्रहित हुए तथा स्थापत्य और मूर्तिकला के माध्यम से अभिव्यक्त हुए । 

2️⃣🔹बौद्ध धर्म के विश्वासों और विचारों को जानने का प्रमुख स्रोत है साँची का स्तूप । 

3️⃣🔹19 वी शताब्दी में अंग्रेज व फ्रांसीसियों ने साँची के स्तूप में विशेष दिलचस्पी दिखाई । 

4️⃣🔹आरंभ में स्तूप वस्तुतः टीले होते थे । यह पवित्र बौद्ध स्थल है , यहाँ आँगन के वीच चबूतरों पर बुद्ध से जुड़े अवशेषों को गाड़ा जाता था । 

5️⃣🔹साँची के स्तूप समूह के संरक्षण में भोपाल की शासक शाहजहाँ बेगम और सुल्तान जहाँ बेगम का बहुत योगदान था । 

6️⃣🔹शाहजहाँ बेगम ने यूरोपियनों को केवल स्तुप के तोरण द्वार की प्लास्टर प्रतिकृति ही ले जाने दी , सुल्तानजहाँ ने रख रखाव के लिए धन दिया , संग्रहालय व अतिथिशाला बनवाई । 

7️⃣🔹ई . पूर्व प्रथम सहस्त्राब्दी में जीवन के रहस्यों को समझने के लिए जरथुस्त्र , खुंगत्सी , सुकरात , प्लेटो , अरस्तु , महावीर , बुद्ध आदि चिंतकों का उदय हुआ । 

8️⃣🔹पूर्व वैदिक परंपरा के ऋग्वेद में अग्नि , इंद्र , सोम आदि कई देवताओं की स्तुतिहै तथा यज्ञों का विशेष महत्त्व दर्शाया गया है । 

9️⃣🔹बुद्ध और महावीर जैसे चिंतकों ने वेदों पर प्रश्न उठाया और जीवन का अर्थ तथा पुनर्जन्म आदि के बारे में जानने का प्रयास किया । 

1️⃣0️⃣🔹बुद्ध की शिक्षाओं का संकलन ' त्रिपिटक ' में है । ( सुत्तपिटक , विनयपिटक , अभिधम्म पिटक ) 

1️⃣1️⃣🔹जैन धर्म के प्रवर्तक महावीर ने अवधारणा प्रस्तुत की कि संपूर्ण विश्व प्राणवान है।

1️⃣2️⃣🔹जैन धर्म के 5 प्रमुख व्रत हैं - सत्य , अहिंसा , अस्तेय , अपरिग्रह व ब्रह्मचर्य । हत्या न करना , चोरी न करना , झूठ न बोलना , ब्रह्मचर्य ( अमृषा ) और धन संग्रह न करना । 

1️⃣3️⃣🔹जैन विद्वानों ने प्राकृत , संस्कृत , तमिल भाषाओं में साहित्य का सृजन किया । 

1️⃣4️⃣🔹बुद्ध के संदेश सैकड़ो वर्षों के दौरान पूरे उपमहाद्वीप में और उसके बाद मध्य एशिया होते हुए चीन , कोरिया और जापान , श्रीलंका से समुद्र पार कर म्याँमार , थाइलैंड और इंडोनेशिया तक फैले । 

1️⃣5️⃣🔹बुद्ध के शिष्यों के दल ने संघ की स्थापना की । बुद्ध के अनुयायी कई सामाजिक वर्गों से थे परन्तु संघ में आने पर सब बराबर माने जाते थे । 


भाग एक


भाग दो 

भाग तीन



1️⃣6️⃣🔹बुद्ध की उपमाता महाप्रजापति गौतमी संघ में आने वाली प्रथम भिक्खुनी बनी । ऐसी स्त्रियाँ जो संघ में आई वे धम्म की उपदेशिकाएँ बनी । भविष्य में वे थेरी बनी , जिसका अर्थ है ऐसी महिलाएं जिन्होंने निर्वाण प्राप्त कर लिया हो । 

1️⃣7️⃣🔹बौद्ध संघ में समहित होने पर सभी को बराबर माना जाता था क्योंकि भिक्खू और भिक्खूनी बनने पर उन्हें अपनी पुरानी पहचान का त्याग देना पड़ता था । 

1️⃣8️⃣🔹बोद्ध धर्म में ' निर्वाण ' का अर्थ है , अहं और इच्छा का समाप्त होना । 

1️⃣9️⃣🔹प्रारंभिक मूर्तिकारों ने बुद्ध को मानव रूप में न दिखाकर उनकी उपस्थिति प्रतीकों के माध्यम से दर्शाने का प्रयास किया । 

2️⃣0️⃣🔹साँची के स्तूप में शालभंजिका की मूर्ति इस बात का इंगित करती है कि जो लोग बौद्ध धर्म में आए उन्होंने बुद्ध - पूर्व और बौद्ध धर्म से इतर दूसरे विश्वासों ,प्रथाओं और धाराओं से बौद्ध धर्म को समृद्ध किया । 

2️⃣1️⃣🔹वैष्णव धर्म हिंदु धर्म की वह परंपरा थी जिसमें विष्णु को सर्वाधिक महत्वपूर्ण देवता माना जाता था । 

2️⃣2️⃣🔹शैव परंपरा में शिव को सर्वोच्च परमेश्वर माना गयां 

2️⃣3️⃣🔹महिलाएं और शूद्र वैदिक साहित्य पढ़ने - सुनने से वंचित थे जबकि वे पुराणों को सुन सकते थे ।

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