Chapter=4 सत्ता के वैकल्पिक केन्द्र Alternative Centres of Power 12 class political science notes

💮🌸Chapter=4 सत्ता के वैकल्पिक केन्द्र Alternative Centres of Power 12 class political science notes🌸💮



12 class political science notes

✳️ शीतयुद्ध के अंत के बाद यूरोपीय संघ , आसियान चीन अमरीकी प्रभुत्व को चुनौती देने वाले सत्ता के वैकल्पिक केन्द्र के रूप में उभर रहे हैं । 

✳️ अमरीका ने यूरोप की अर्थव्यवस्था के पुनर्गठन के लिए बहुत मदद की थी । इसे मार्शल योजना के नाम से जानते है । 

✳️ 1948 में मार्शल योजना के तहत यूरोपीय आर्थिक सहयोग संगठन की स्थापना की गई । जिसके माध्यम से पश्चिमी यूरोप के देशों को आर्थिक मदद की गई । 

✳️ 1957 में छः देशो - फ्रांस , पश्चिम जर्मनी , इटली , बेल्जियम , नीदरलैंड और लक्जमबर्ग ने रोम संधि के माध्यम से यूरोपीय आर्थिक समुदाय EEC और यूरोपीय एटमी ऊर्जा समुदाय का गठन किया । 

✳️ जून 1979 में यूरोपीय पार्लियामेंट के गठन के बाद यूरोपीय आर्थिक समुदाय ने राजनीतिक स्वरूप लेना शुरू कर दिया था । 

✳️ फरवरी 1992 में मास्ट्रिस्ट संधि के द्वारा यूरोपीय संघ का गठन हुआ । 

यूरोपीय संघ के गठन के उद्देश्य : 

✴️ एक समान विदेश व सुरक्षा नीति । 
✴️ आंतरिक मामलों तथा न्याय से जुड़े मामलों पर सहयोग ।
✴️ एक समान मुद्रा का चलन |
✴️ वीजा मुक्त आवागमन । 

उद्देश्यों की प्राप्ति

1 . यूरोपीय संघ ने आर्थिक सहयोगवाली संस्था से बदलकर राजनैतिक संस्था का रूप ले लिया है ।

2 . यूरोपीय संघ एक विशाल राष्ट्र - राज्य की तरह कार्य करने लगा है । 

3 . इसका अपना झंडा , गान , स्थापना दिवस और अपनी एक मुद्रा है ।

4 . अन्य देशों से संबंधों के मामले में इसने काफी हद तक साझी विदेश और सुरक्षा नीति बना ली है । 

5 . यूरोपीय संघ का झंडा 12 सोने के सितारों के घेरे के रूप में वहाँ के लोगों की पूर्णता , समग्रता , एकता और मेलमिलाप का प्रतीक है । 


यूरोपीय संघ को ताकतवार बनाने वाले कारक या विशेषताएँ : 

✴️ 2005 में यह दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थी और इसका सकल घरेलू उत्पादन अमरीका से भी ज्यादा था । 

✴️ इसकी मुद्रा यूरो , अमरीकी डॉलर के प्रभुत्व के लिए खतरा बन गई है । 

✴️ विश्व व्यापार में इसकी हिस्सेदारी अमेरिका से तीन गुना ज्यादा है । 

✴️ इसकी आर्थिक शक्ति का प्रभाव यूरोप , एशिया और अफ्रीका के देशों पर है । यह विश्व व्यापार संगठन के अंदर एक महत्वपूर्ण समूह के रूप में कार्य करता है । 

✴️ इसके दो सदस्य देश ब्रिटेन और फ्रांस सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य है । इसके चलते यूरोपीय संघ अमरीका समेत सभी राष्ट्रों की नीतियों को प्रभावित करता है । 

✴️ यूरोपीय संघ के दो देश ब्रिटेन और फ्रांस परमाणु शक्ति सम्पन्न है । 

✴️ अधिराष्ट्रीय संगठन के तौर पर यूरोपीय संघ आर्थिक , राजनैतिक और सामाजिक मामलों में दखल देने में सक्षम है । 

यूरोपीय संघ की कमजोरियाँ : 

1 . ) इसके सदस्य देशों की अपनी विदेश और रक्षा नीति है जो कई बार एक - दूसरे के खिलाफ भी होती हैं । जैसे - इराक पर हमले के मामले में 
2 . ) यूरोप के कुछ हिस्सों में यूरो मुद्रा को लागू करने को लेकर नाराजगी है । 
3 . ) डेनमार्क और स्वीडन ने मास्ट्रिस्स संधि और साझी यूरोपीय मुद्रा यूरो को मानने का विरोध किया ।
4 . ) यूरोपीय संघ के कई सदस्य देश अमरीकी गठबंधन में थे । 
5 . ) ब्रिटेन यूरोपीय संघ से जून 2016 मे एक जनमत संग्रह के द्वारा अलग हो गया है । 


दक्षिण - पूर्व एशियाई राष्ट्रों का संगठन ( आसियान ) - 

✴️ अगस्त 1967 में इस क्षेत्र के पाँच देशों इंडोनेशिया , मलेशिया , फिलिपींस , सिंगापुर ओर थाईलैंड ने बैंकांक घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर करके ' आसियान ' की स्थापना की । 

आसियान के मुख्य उद्देश्य :

1 ) सदस्य देशों के आर्थिक विकास को तेज करना । 
2 ) इसके द्वारा सामाजिक और सांस्कृतिक विकास हासिल करना । 
3 ) कानून के शासन और संयुक्त राष्ट्र संघ के नियमों का पालन करके क्षेत्रीय शांति और स्थायित्व को बढ़ावा देना । 


आसियान शैली : 
अनौपचारिक , टकरावरहित और सहयोगात्मक मेल - मिलाप का नया उदाहरण पेश करके आसियान ने काफी यश कमाया है । इसे ही ' आसियान शैली ' कहा जाने लगा ।
✳️PART-A समकालीन विश्व मे राजनीति✳️

• Chapter 1 शीत युद्ध का दौर
• Chapter 2 दो ध्रुवीयता का अंत
 Chapter 3 समकालीन विश्व में अमरीकी वर्चस्व 
• Chapter 4  सत्ता के वैकल्पिक केन्द्र
• Chapter 5 समकालीन दक्षिण एशिया
• Chapter 6 अंतरराष्ट्रीय संगठन 
• Chapter 7 समकालीन विश्व में सुरक्षा 
• Chapter 8 पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन
• Chapter 9 वैश्वीकरण 



✳️PART-B राजनीति विज्ञान✳️


• Chapter 10 राष्ट्र निर्माण की चुनौतियाँ
• Chapter 11 एक दल के प्रभुत्व का दौर 
• Chapter 12 नियोजित की राजनीति 
• Chapter 13 भारत के विदेश संबंध 
• Chapter 14  कांग्रेस प्रणालीः चुनौतियाँ व पुर्नस्थापना
• Chapter 15 लोकतांत्रिक व्यवस्था का संकट
• Chapter 16 जन आंदोलन का उदय 
• Chapter 17 क्षेत्रीय आकांक्षाये 

• Chapter 18 भारतीय राजनीति में नए बदलाव

आसियान के प्रमुख स्तंभ 
1 ) आसियान सुरक्षा समुदाय 
2 ) आसियान आर्थिक समुदाय
3 ) सामाजिक सांस्कृतिक समुदाय 

✴️ आसियान सुरक्षा समुदाय क्षेत्रीय विवादों को सैनिक टकराव तक न ले जाने की सहमति पर आधारित है । 

✴️ आसियान आर्थिक समुदाय का उद्देश्य आसियान देशों का साझा बाजार और उत्पादन आधार तैयार करना तथा इस क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास में मदद करना है । 

✴️ आसियान सामाजिक सांस्कृतिक समुदाय का उद्देश्य है कि आसियान देशों के बीच टकराव की जगह बातचीत और सहयोग को बढ़ावा दिया जाए ।

आसियान की उपयोगिता या प्रासंगिकता

1 . आसियान की मौजूदा आर्थिक शक्ति खासतौर से भारत और चीन जैसे तेजी से विकसित होने वाले एशियाई देशों के साथ व्यापार और निवेश के मामले में प्रदर्शित होती है । 

2 . आसियान ने निवेश , श्रम और सेवाओं के मामले में मुक्त व्यापार क्षेत्र बनाने पर भी ध्यान दिया है । 

3 . अमरीका तथा चीन ने भी मुक्त व्यापार क्षेत्र बनाने में रूचि दिखाई है । 

4 . 1991 के बाद भारत ने ' पूरब की ओर ' की नीति अपनाई है । 

5 . भारत ने आसियान के दो सदस्य देशों सिंगापुर और थाईलैंड के साथ मुक्त व्यापार का समझौता किया है । 

6 . भारत आसियान के साथ भी मुक्त व्यापार संधि करने का प्रयास कर रहा है ।

7 . आसियान की असली ताकत अपने सदस्य देशो , सहभागी सदस्यों और बाकी गैर - क्षेत्रीय संगठनों के बीच निरंतर संवाद और परामर्श करने की नीति में है । 

8 . यह एशिया का एकमात्र ऐसा संगठन है जो एशियाई देशों और विश्व शक्तियों को राजनैतिक और सुरक्षा मामलों पर चर्चा के लिए मंच उपलब्ध | कराता है । 

9 . हाल ही में भारतीय प्रधानमंत्री ने आसियान देशों की यात्रा की तथा विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर समझौते किए । 


माओ के नेतृत्व में चीन का विकास : 

1949 की क्रांति के द्वारा चीन में साम्यवादी शासन की स्थापना हुई । शुरू में यहाँ साम्यवादी अर्थव्यवस्था को अपनाया गया था । लेकिन इसके कारण चीन को निम्नलिखित समस्याओं का सामना करना पड़ा 

1 ) चीन ने समाजवादी मॉडल खड़ा करने के लिए विशाल औद्योगिक अर्थव्यवस्था का लक्ष्य रखा । इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए अपने सारे संसाधनों को उद्योग में लगा दिया ।


✳️PART-A समकालीन विश्व मे राजनीति✳️

• Chapter 1 शीत युद्ध का दौर
• Chapter 2 दो ध्रुवीयता का अंत
 Chapter 3 समकालीन विश्व में अमरीकी वर्चस्व 
• Chapter 4  सत्ता के वैकल्पिक केन्द्र
• Chapter 5 समकालीन दक्षिण एशिया
• Chapter 6 अंतरराष्ट्रीय संगठन 
• Chapter 7 समकालीन विश्व में सुरक्षा 
• Chapter 8 पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन
• Chapter 9 वैश्वीकरण 



✳️PART-B राजनीति विज्ञान✳️


• Chapter 10 राष्ट्र निर्माण की चुनौतियाँ
• Chapter 11 एक दल के प्रभुत्व का दौर 
• Chapter 12 नियोजित की राजनीति 
• Chapter 13 भारत के विदेश संबंध 
• Chapter 14  कांग्रेस प्रणालीः चुनौतियाँ व पुर्नस्थापना
• Chapter 15 लोकतांत्रिक व्यवस्था का संकट
• Chapter 16 जन आंदोलन का उदय 
• Chapter 17 क्षेत्रीय आकांक्षाये 

• Chapter 18 भारतीय राजनीति में नए बदलाव

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