Chapter = 1 CONSTITUTION: WHY AND HOW?((संविधान क्यों और कैसे,संविधान का राजनीतिक दर्शन।))11th Class Poltical Science Hindi Notes

🏵️पाठ = 1🏵️

1.संविधान क्यों और कैसे,संविधान का राजनीतिक दर्शन।🍀महत्वपूर्ण हिंदी notes🍀

✳️संविधान क्या है ?✳️

- किसी देश का संविधान उसकी राजनीतिक प्रक्रिया का वह मूलभूत ढाँचा निर्धारित करता है , जिसके द्वारा उसकी जनता शासित होती है । 

- संविधान किसी राज्य की सरकार के तीनों प्रमुख अंगों ( विधायिका , कार्यपालिका और न्यायपालिका ) की स्थापना करता है ।

- संविधान सरकार के तीनों अंगो की शक्तियों की व्याख्या करता है तथा साथ ही उनके कर्तव्यों की सीमा तय करता है । 

- संविधान सरकार के तीनों अंगों के बीच आपसी सम्बन्धों तथा उनका जनता के साथ , संबंधों , का विनियमन करता है ।

- संविधान जनता की विशिष्ट सामाजिक , राजनीतिक और आर्थिक प्रकृति , आस्था और आकांक्षाओं को पूरा करने का काम करता है , तथा अराजकता को रोकता है ।

✳️संविधान की आवश्यकता:-✳️

- मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है । समाज विभिन्न प्रकार के समुदायों से बनता है । इन समुदायों में तालमेल बैठाने के लिए संविधान जरूरी है ।

- संविधान जनता में आपसी विश्वास पैदा करने के लिए मूलभूत नियमों का समूह उपलब्ध करवाता है । 

- अन्तिम निर्णय लेने की शक्ति किसके पास होगी ? संविधान यह तय करता है।

- संविधान सरकार निर्माण के नियमों एवं उपनियमों तथा उसकी शक्तियों एवं सीमाओं को तय करता है । 

- एक न्यायपूर्ण समाज की स्थापना के लिए भी संविधान जरूरी है ।


✳️भारतीय संविधान सभा का निर्माण:-✳️

- जुलाई 1945 में इंग्लैण्ड में नई लेबर पार्टी सरकार सत्ता में आई , तब भारतीय संविधान सभा बनने का मार्ग खुला । वाइस राय लार्ड वेवल ने इसकी पुष्टि की 

- कैबिनेट मिशन योजना के अनुसार - संविधान निर्माण - निकाय की सदस्य संख्या - 389 निर्धारित की गई । जिनमें से 292 प्रतिनिधि ब्रिटिश भारत के गर्वनरों के अधीन ग्यारह प्रांतो से , 04 प्रतिनिधि चीफ कमिश्नरों के चार प्रांतों ( दिल्ली , अजमेर - मारवाड , कुर्ग तथा ब्रिटिश बलूचिस्तान ) से और 93 प्रतिनिधि भारतीय रियासतों से लिए जाने थे । 

-ब्रिटिश प्रांत के प्रत्येक प्रांत को उनकी जनसंख्या के अनुपात में संविधान सभा मे स्थान दिए गए । ( 10 लाख लोगों पर एक स्थान )

- प्रत्येक प्रांत की सीटों को तीन प्रमुख समुदायों - मुसलमान , सिख एवं सामान्य में उनकी जनसंख्या के अनुपात में बांटा गया । 

- 3 जून , 1947 , मांउटबेटन योजना के अनुसार भारत - पाकिस्तान विभाजन तय हुआ , परिणाम स्वरूप पाकिस्तान के सदस्य - संविधान सभा के सदस्य नहीं रहे और भारतीय संविधान सभा के वास्तविक सदस्य संख्या 299 रह गई ।


✳️संविधान सभा का स्वरुप:-✳️

- संविधान सभा का विधिवत उद्घाटन - दिन - सोमवार , 09 दिसम्बर 1946 को प्रातः ग्यारह बजे हुआ । 

- 9 दिसम्बर 1946 को डॉ . सच्चिदानंद सिन्हा को अस्थायी अध्यक्ष नियुक्त किया गया तथा 11 दिसम्बर 1946 को डॉ . राजेन्द्र प्रसाद को संविधान सभा का स्थायी अध्यक्ष चुना गया तथा संविधान प्रारूप समिति का अध्यक्ष डॉ . भीमराव अम्बेडकर को चुना गया । 

- 13 दिसम्बर 1946 को पण्डित जवाहरलाल नेहरू ने संविधान का उद्देश्य प्रस्ताव प्रस्तुत किया । इसमें भारत के भावी प्रभुत्ता - सम्पन्न लोकतांत्रिक गणराज्य की रूपरेखा प्रस्तुत की गई । जिसे 22 जनवरी 1947 को संविधान सभा ने स्वीकार कर लिया । 

- 26 नवम्बर 1949 को अंगीकृत भारतीय संविधान में 395 अनुच्छेद , 22 भाग तथा 8 अनुसूचियां थी । इस समय अनुसूचियों 8 से बढ़कर 12 हो गई हैं । संविधान को बनाने में 2 वर्ष 11 महीने तथा 18 दिन का समय लगा तथा कुल 166 बैठकें हुई । 

- 26 नवम्बर 1949 को अंगीकृत भारतीय संविधान को 26 जनवरी 1950 को विधिवत रूप से लाग कर दिया गया ।


✳️भारतीय संविधान के स्रोत:-✳️

- संविधान का लगभग 75 प्रतिशत अंश भारत शासन अधिनियम 1935 से . लिया गया था । 

- 1928 में नियुक्त मोतीलाल नेहरू कमेटी रिपोर्ट से 10 मूल मानव अधिकारों को शामिल किया गया । 

-अन्य देशों की संवैधानिक प्रणाली : 


🌼🌸(क)    ब्रिटिश संविधानः-🌼🌸

(i)        सर्वाधिक मत के आधार पर चुनाव में जीत का फैसला । 
(ii)       सरकार का संसदीय स्वरूप । 
(iii)      कानून के शासन का विचार । 
(iv)      विधायिका में अध्यक्ष का पद और उसकी कानून निर्माण की विधि । 



🌼🌸(ख)     अमेरिका का संविधान:- 🌼🌸

(i)       मौलिक अधिकारों की सूची । 
(ii)      न्यायिक पुनरावलोकन की शक्ति और न्यायपालिका की स्वतंत्रता । 



🌼🌸(ग)       आयरलैंड का संविधानः-🌼🌸

(i)        राज्य के नीति निर्देशक तत्व । 



🌼🌸(घ)     फ्रांस का संविधानः-🌼🌸

(i)      स्वतंत्रता समानता और बंधुत्व का सिद्धान्त । 




🌼🌸(ड)    कनाडा का संविधानः-🌼🌸

(i)     एक अर्द्ध - संघात्मक सरकार का स्वरूप ( सशक्त केन्द्रीय सरकार वाली संघात्मक व्यवस्था । 
(ii)    अवशिष्ट शक्तियों का सिद्धान्त ।


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