Chapter=1 समकालीन विश्व मे राजनीति ((शीत युद्ध का दौर)) The Cold war Era 12th Class poltical science 1st book

पाठ = 1
कक्षा =12 वी
शीत युद्ध का दौर

((शीत युद्ध का दौर)) Cold war phase12th class hindi poltical notes


Important notes :- द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद से अब तक की 

✳️प्रथम विश्व युद्ध - 1914 से 1918 तक ✳️

✳️द्धितीय विश्व युद्ध - 1939 से 1945 तक ✳️


✳️द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से अब तक की वैश्विक घटनाओं का अध्ययन समकलीन विश्व राजनीति के विषय है । 


✳️द्वितीय विश्व युद्ध के गुट ✳️

✳️(1) मित्र राष्ट्र - सोवियत संघ , फ्रांस , ब्रिटेन संयुक्त राज्य अमेरिका 

✳️(2)धुरी राष्ट्र - जर्मनी , जापान , इटली । 


✳️द्वितीय विश्वयुद्ध की समाप्ति के पश्चात दो महाशक्तियों का उदय हुआ - पूंजीवादी विचारधारा का प्रतिनिधित्व करने वाले संयुक्त राज्य अमेरिका और समाजवादी विचारधारा के सोवियत संघ का । 


✳️अपने प्रभाव को बढ़ाने के लिए दोनों ही महाशक्तियों ने अन्य देशों के साथ संधियाँ की ।


✳️अपना प्रभाव क्षेत्र बढ़ाते हुए तथा उनसे प्राप्त अन्य लाभों को देखते हुए महाशक्तियाँ छोटे देशों को साथ रखना चाहती थी ।


✳️छोटे देश भी सुरक्षा , हथियार और आर्थिक मदद की दृष्टि से महाशक्तियों से जुड़े रहना चाहते थे । 


✳️परमाणु सम्पन्न होने के कारण दोनों ही महाशक्तियों में रक्त रंजित युद्ध के स्थान पर प्रतिद्धन्द्धिता तथा तनाव की स्थिति बनी रही । जिसे शीत युद्ध कहा गया । 


✳️महाशक्तियों को छोटे देशों से लाभ - 

(1) छोटे देशों के प्राकृतिक संसाधन प्राप्त करना । 
(2) सैन्य ठिकाने स्थापित करना । 
(3) आर्थिक सहायता प्राप्त करना । 
(4)भू - क्षेत्र ( ताकि महाशक्तियाँ अपने हथियारों और सेना का संचालन कर सके । 


✳️शीतयुद्ध के दायरे - 

(1 ) 1948 में बर्लिन की नाकेबंदी 
(2) 1950 में कोरिया संकट 
(3) 1954 - 1975 तक वियतनाम में अमेरिकी हस्तक्षेप 
(4) 1956 - हंगरी में सोवियत संघ का हस्तक्षेप 
(5) 1962 - क्यूबा मिसाइल संकट 


✳️ दो ध्रुवीयता को चुनौती - गुट निरपेक्ष आंदोलन एशिया और अफ्रीका के नव स्वतंत्र राष्ट्रों के समक्ष अपनी स्वतंत्रता एवम् प्रभुसत्ता को बनाए रखने तीसरा विकल्प था - गुट निरपेक्ष आंदोलन में शामिल हो जाना । 

✳️ गुट निरपेक्ष आन्दोलन का पहला सम्मेलन 1961 में बेलग्रेड ( यूगोस्लाविया राजधानी ) में हुआ । जिसकी नीव 1955 में एफ्रो एशियाई सम्मेलन में रखी सम्मेलन ) इस आन्दोलन संस्थापक देश व नेता थे -



✳️ 17 वें गुटनिरपेक्ष शिखर सम्मेलन का आयोजन वेनेजुएला के ' भार्गारिता में सितम्बर , 2016 को किया गया । वर्तमान में इस आंदोलन के सदस्यों की संख्या 120 है । साथ ही साथ वर्तमान से इसके 17 देश तथा 10 अंतर्राष्ट्रीय संगठन पर्यवेक्षक है इस शिखर सम्मेलन में आतंकवाद , संयुक्त राष्ट्र सुधार , पश्चिम एशिया की स्थिति , संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों , जलवायु परिर्वतन , सतत विकास शारणार्थी समस्या और परमाणु निशस्त्रीकरण जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई । 


✳️ नव अन्तर्राष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था ( N . I . E . O ) 1972 में UNO के व्यापार एवम् विकास आंदोलन ( UNCTAD ) में विकास के लिए एक नई व्यापार नीति का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया ताकि धनी देशों द्वारा नव स्वतन्त्र गरीब देशों का शोषण न हो सके । टुवाई अ न्यू ट्रेड पॉलिसी फॉर डेवलेपमेंट ( विकास के लिए नई व्यापारिक नीति की ओर ) एक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई । 


✳️ भारत और शीतयुद्ध : - शीतयुद्ध के दौरान भारत ने नव स्वतंत्र देशों नेतृत्व किया तथा अपने राष्ट्रीय हितों को पूरा किया । और दोनों महाशक्तियों के मतभेदों को भी दूर करने का प्रयास किया ।


✳️शस्त्र नियंत्रण संधियाँ : 

1️⃣🔹L . T . B . T . सीमित परमाणु परीक्षण संधि - 5 अगस्त 1963 

2️⃣🔹SALT सामारिक अस्त्र परिसीमन वार्ता - 1 ) 26 मई 1972.                                                                            2 ) 18 जून 1972 

3️⃣🔹START - सामरिक अस्त्र न्यूनीकरण संधि - 1 ) 31 जुलाई 1991                                                                        2 ) 3 जनवरी 1993 

4️⃣🔹 N . P . T . - परमाणु अप्रसार संधि - 1 जुलाई 1968 

( पांच परमाणु सम्पन्न देश ही परमाणु परीक्षण कर सकते थे अन्य देश नहीं । )




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