Chapter=1 ईंटे , मनके तथा अस्थियाँ(( Bricks, Beads And Bones)) ( हड़प्पा सभ्यता ) 12th class History Hindi Notes

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Chapter=1 ईंटे , मनके तथा अस्थियाँ(( Bricks, Beads And Bones)) ( हड़प्पा सभ्यता ) 12th class History Hindi Notes🌼💮

Chapter=1 ईंटे , मनके तथा अस्थियाँ(( Bricks, Beads And Bones)) ( हड़प्पा सभ्यता ) 12th class History Hindi Notes

1️⃣🔹हड़प्पा संस्कृति को सिंधु नदी की घाटी में फैले होने के कारण सिंधु घाटी की सभ्यता भी कहते हैं । पुरातात्विक संस्कृति शब्द का प्रयोग पुरावस्तुओं के ऐसे समूह के लिए करते है जो एक विशिष्ट शैली के होते है और सामान्यतया एक साथ , एक विशेष भौगोलिक क्षेत्र तथा काल - खण्ड से संबंधित पाए जाते हैं ।

2️⃣🔹इस सभ्यता का नामकरण हड़प्पा नामक स्थान जहाँ पर संस्कृति पहली बार खोजी गई थी के नाम पर किया गया है ।

3️⃣🔹हड़प्पा संस्कृति के दो प्रसिद्ध केन्द्र हड़प्पा और मोहनजोदड़ो हैं ।

4️⃣🔹हड़प्पा सभ्यता की खोज 1921 - 22 में दया राम साहनी , रखालदास बनर्जी और सर जॉन मार्शल के नेतृत्व में हुई ।

5️⃣🔹हड़प्पा सभ्यता का काल ( विकसित सभ्यता ) 2600 ईसा पूर्व से 1900 ईसा पूर्व के बीच माना जाता है ।

6️⃣🔹हड़प्पा सभ्यता की जानकारी के प्रमुख स्त्रोत - खुदाई में मिली इमारतें , मृदभाण्ड , औजार , आभूषण , मूर्तियाँ , मुहरें इत्यादि हैं ।

7️⃣🔹हड़प्पा सभ्यता का विस्तार क्षेत्र - अफगानिस्तान , जम्मू , बलुचिस्तान ( पाकिस्तान ) गुजरात , राजस्थान , पश्चिमी उत्तर प्रदेश

8️⃣🔹इसके प्रमुख स्थल - नागेश्वर , बालाकोट , चन्हुदड़ो , कोटदीजी , धौलावीरा , लोथल , कालीबंगन , बनावली , राखीगढ़ी इत्यादि ।

9️⃣🔹यह एक नगरीय सभ्यता थी । इसकी सबसे प्रमुख विशेषता इसकी नगर निर्माण योजना है ।

1️⃣0️⃣🔹हड़प्पा सभ्यता की बस्तियाँ दो भागों में विभाजित थी - दुर्ग तथा निचला शहर

1️⃣1️⃣🔹निचला शहर आवासीय भवनों के उदारहण प्रस्तुत करता है तथा दुर्ग पर बनी संरचनाओं का प्रयोग संभवतः विशिष्ट सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए किया जाता था ।

1️⃣2️⃣🔹हड़प्पा सभ्यता में सड़कों तथा गलियों को एक ग्रिड पद्धति द्वारा बनाया गया था और ये एक दूसरे को समकोण पर काटती थी ।

1️⃣3️⃣🔹जल निकाल प्रणाली अद्भुत थी । घरो की नालियों को गली की नालियों से जोड़ा गया था । नालियाँ पक्की इटों से बनाई गई थी ।

1️⃣4️⃣🔹हड़प्पा सभ्यता में गेहूँ जौ , दाल , सफेद चना तथा तिल जैसे खाद्य पदार्थों के इस्तेमाल का अनुमान है ।

1️⃣5️⃣🔹हड़प्पा सभ्यता में - भेड़ बकरी , भैंस , सुअर जैसे जानवरों के अस्तित्व का अनुमान है ।

1️⃣6️⃣🔹हड़प्पा में पाई जाने वाली लिपि को पढ़ने में विद्वान अभी तक असमर्थ है ।

1️⃣7️⃣🔹हड़प्पाप की लिपि दाई से बाई ओर लिखी जाती थी । इसमें चिन्हों की संख्या 375 से 400 के बीच थी ।

1️⃣8️⃣🔹हड़प्पा सभ्यता में बाट का प्रयोग संभवतः आभूषणों व मनकों को तौलने के लिए होता था जो चर्ट नमक पत्थर से बनाए जाते थे ।

1️⃣9️⃣🔹चन्हुदड़ों शिल्प उत्पादन का एक प्रमुख केन्द्र था । शिल्प कार्यों में मनके बनाना , शंख की कटाई , धातु कर्म , मुहर निर्माण तथा चाट बाट बनाना सम्मिलित थे ।

2️⃣0️⃣🔹मनके कार्नीलियन , जैस्पर , स्फटिक , क्वार्टज़ , सेलखड़ी जैसे पत्थर , ताँबा , काँसा जैसी धातुओं तथा शंख , फयॉन्स तथा पकी मिट्टी के बने होते थे ।

2️⃣1️⃣🔹मुहरों और मुद्रांकनों का प्रयोग लंबी दूरी के संपर्कों को सुविधाजनक बनाने के लिए होता था ।

2️⃣2️⃣🔹हड़प्पा स्थलों से मिले शवाधानों में आमतौर पर मृतकों को गर्तों में दफनाया गया था । इनके साथ मूदभाण्ड आदि के अवशेष मिले हैं । शवाधान के अध्ययन से सामाजिक आर्थिक विभिन्नता का पता चलता है ।

2️⃣3️⃣🔹हड़प्पा सभ्यता का विनाश कई कारणों से हुआ जैसे , जलवायु परिवर्तन , वनों की कटाई , बाढ़ , नदियों का सूख जाना या नदियों का मार्ग बदलना , भूकम्प , बाहरी आक्रमण इत्यादि ।


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