11th class political science notes in hindi Chapter 1 Constitution Why and How, ? अध्याय - 1 संविधान क्यों और कैसे

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11th class political science notes in hindi Chapter 1 Constitution Why and How, ? अध्याय  - 1 संविधान क्यों और कैसे


CBSE Revision Notes for CBSE Class 11 Political Science Constitution Why-How, Philosophy, Living Document Constitution-Why and How. A constitution is a written set of laws and fundamental principles to develop a relationship between the people and the government which comprises a number of articles about the state.


11th class political science chapter 1 notes in hindi Constitution Why and How, ?  संविधान क्यों और कैसे,


11th class political science chapter 1 notes in hindi Constitution Why and How, ?

📚 पाठ - 1 📚

👉 संविधान क्यों और कैसे 👈



✳️ ' कठोर संविधान ' क्या है :-

🔹 ऐसा संविधान जिसमें सरलतापूर्वक संशोधन / परिवर्तन नहीं किए जा सकता ।

✳️ भारतीय संविधान में वर्तमान में अनुसूचियाँ

🔹 बारह ( 12 ) अनुसूचियाँ हैं ।

✳️ संविधान क्या है ? ✳️

🔹 किसी देश का संविधान उसकी राजनीतिक प्रक्रिया का वह मूलभूत ढाँचा निर्धारित करता है , जिसके द्वारा उसकी जनता शासित होती है । 

🔹  संविधान किसी राज्य की सरकार के तीनों प्रमुख अंगों ( विधायिका , कार्यपालिका और न्यायपालिका ) की स्थापना करता है ।

🔹 संविधान सरकार के तीनों अंगो की शक्तियों की व्याख्या करता है तथा साथ ही उनके कर्तव्यों की सीमा तय करता है । 

🔹 संविधान सरकार के तीनों अंगों के बीच आपसी सम्बन्धों तथा उनका जनता के साथ , संबंधों , का विनियमन करता है ।

🔹 संविधान जनता की विशिष्ट सामाजिक , राजनीतिक और आर्थिक प्रकृति , आस्था और आकांक्षाओं को पूरा करने का काम करता है , तथा अराजकता को रोकता है ।

✳️ संविधान की आवश्यकता:- ✳️

🔹 मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है । समाज विभिन्न प्रकार के समुदायों से बनता है । इन समुदायों में तालमेल बैठाने के लिए संविधान जरूरी है ।

🔹 संविधान जनता में आपसी विश्वास पैदा करने के लिए मूलभूत नियमों का समूह उपलब्ध करवाता है । 

🔹 अन्तिम निर्णय लेने की शक्ति किसके पास होगी ? संविधान यह तय करता है।

🔹 संविधान सरकार निर्माण के नियमों एवं उपनियमों तथा उसकी शक्तियों एवं सीमाओं को तय करता है । 

🔹 एक न्यायपूर्ण समाज की स्थापना के लिए भी संविधान जरूरी है ।

✳️ क्रिप्स मिशन :-

🔹 ब्रिटिश प्रधानमंत्री चर्चिल द्वारा ब्रिटिश संसद सदस्य तथा मजदूर नेता सर स्टेफ़र्ड क्रिप्स के नेतृत्व में मार्च 1942 में भारत भेजा गया था , जिसका उद्देश्य भारत के राजनीतिक गतिरोध को दूर करना था । हालांकि इस मिशन का वास्तविक उद्देश्य युद्ध में भारतीयों को सहयोग प्रदान करने हेतु उन्हें फुसलाना था । सर क्रिप्स , ब्रिटिश युद्ध मंत्रिमंडल के सदस्य भी थे तथा उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का सक्रियता से समर्थन किया था । कांग्रेस की ओर से जवाहरलाल नेहरू तथा मौलाना अबुल कलाम आज़ाद को क्रिप्स मिशन के संदर्भ में परीक्षण एवं विचार विमर्श हेतु अधिकृत किया था ।

✳️ भारतीय संविधान सभा का निर्माण:- ✳️

🔹 जुलाई 1945 में इंग्लैण्ड में नई लेबर पार्टी सरकार सत्ता में आई , तब भारतीय संविधान सभा बनने का मार्ग खुला । वाइस राय लार्ड वेवल ने इसकी पुष्टि की 

🔹  कैबिनेट मिशन योजना के अनुसार - संविधान निर्माण - निकाय की सदस्य संख्या - 389 निर्धारित की गई । जिनमें से 292 प्रतिनिधि ब्रिटिश भारत के गर्वनरों के अधीन ग्यारह प्रांतो से , 04 प्रतिनिधि चीफ कमिश्नरों के चार प्रांतों ( दिल्ली , अजमेर - मारवाड , कुर्ग तथा ब्रिटिश बलूचिस्तान ) से और 93 प्रतिनिधि भारतीय रियासतों से लिए जाने थे । 

🔹 ब्रिटिश प्रांत के प्रत्येक प्रांत को उनकी जनसंख्या के अनुपात में संविधान सभा मे स्थान दिए गए । ( 10 लाख लोगों पर एक स्थान )

🔹 प्रत्येक प्रांत की सीटों को तीन प्रमुख समुदायों - मुसलमान , सिख एवं सामान्य में उनकी जनसंख्या के अनुपात में बांटा गया । 

🔹  3 जून , 1947 , मांउटबेटन योजना के अनुसार भारत - पाकिस्तान विभाजन तय हुआ , परिणाम स्वरूप पाकिस्तान के सदस्य - संविधान सभा के सदस्य नहीं रहे और भारतीय संविधान सभा के वास्तविक सदस्य संख्या 299 रह गई ।


✳️ संविधान सभा का स्वरुप:- ✳️

🔹 संविधान सभा का विधिवत उद्घाटन - दिन - सोमवार , 09 दिसम्बर 1946 को प्रातः ग्यारह बजे हुआ । 

🔹 9 दिसम्बर 1946 को डॉ . सच्चिदानंद सिन्हा को अस्थायी अध्यक्ष नियुक्त किया गया तथा 11 दिसम्बर 1946 को डॉ . राजेन्द्र प्रसाद को संविधान सभा का स्थायी अध्यक्ष चुना गया तथा संविधान प्रारूप समिति का अध्यक्ष डॉ . भीमराव अम्बेडकर को चुना गया । 

🔹  13 दिसम्बर 1946 को पण्डित जवाहरलाल नेहरू ने संविधान का उद्देश्य प्रस्ताव प्रस्तुत किया । इसमें भारत के भावी प्रभुत्ता - सम्पन्न लोकतांत्रिक गणराज्य की रूपरेखा प्रस्तुत की गई । जिसे 22 जनवरी 1947 को संविधान सभा ने स्वीकार कर लिया । 

🔹 26 नवम्बर 1949 को अंगीकृत भारतीय संविधान में 395 अनुच्छेद , 22 भाग तथा 8 अनुसूचियां थी । इस समय अनुसूचियों 8 से बढ़कर 12 हो गई हैं । संविधान को बनाने में 2 वर्ष 11 महीने तथा 18 दिन का समय लगा तथा कुल 166 बैठकें हुई । 

🔹 26 नवम्बर 1949 को अंगीकृत भारतीय संविधान को 26 जनवरी 1950 को विधिवत रूप से लाग कर दिया गया ।


✳️ भारतीय संविधान के स्रोत:- ✳️

🔹 संविधान का लगभग 75 प्रतिशत अंश भारत शासन अधिनियम 1935 से . लिया गया था । 

🔹 1928 में नियुक्त मोतीलाल नेहरू कमेटी रिपोर्ट से 10 मूल मानव अधिकारों को शामिल किया गया । 

🔹 अन्य देशों की संवैधानिक प्रणाली : 

(क)    ब्रिटिश संविधानः-

(i)        सर्वाधिक मत के आधार पर चुनाव में जीत का फैसला । 
(ii)       सरकार का संसदीय स्वरूप । 
(iii)      कानून के शासन का विचार । 
(iv)      विधायिका में अध्यक्ष का पद और उसकी कानून निर्माण की विधि । 

(ख)     अमेरिका का संविधान:-

(i)       मौलिक अधिकारों की सूची । 
(ii)      न्यायिक पुनरावलोकन की शक्ति और न्यायपालिका की स्वतंत्रता । 

(ग)       आयरलैंड का संविधानः-

(i)        राज्य के नीति निर्देशक तत्व । 

(घ)     फ्रांस का संविधानः-

(i)      स्वतंत्रता समानता और बंधुत्व का सिद्धान्त । 

(ड)    कनाडा का संविधानः-

(i)     एक अर्द्ध - संघात्मक सरकार का स्वरूप ( सशक्त केन्द्रीय सरकार वाली संघात्मक व्यवस्था । 
(ii)    अवशिष्ट शक्तियों का सिद्धान्त ।

✳️ संविधान की विशेषताएँ :-

( i ) जन प्रतिनिधियों द्वारा निर्मित , लिखित एक सम्पूर्ण संविधान ।
( ii ) यह सम्पूर्ण प्रभुत्वसंपन्न , लोकतांत्रिक , समाजवादी , धर्मनिरपेक्ष गणराज्य का निर्माण करता है ।
( iii ) नागरिकों को मूल अधिकार के साथ मूल कर्त्तव्यों की याद दिलाता है । ( iv ) स्वतंत्र न्यायपालिका है ।
( v ) संसदीय शासन व्यवस्था ।
( vi ) राज्य के नीति निर्देशक तत्व आदि ।


✳️ भारतीय संविधान सभा के गठन प्रक्रिया :-

🔹 पहली बैठक 9 दिसम्बर 1946 , अस्थायी अध्यक्ष डॉ . सच्चिदानंद ।

🔹कैबिनेट मिशन प्रस्ताव ।

🔹 11 दिस्मबर 1946 डॉ . राजेन्द्र प्रसाद की स्थायी अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति ।

🔹  सदस्य संख्या 389 , ( 292 + 4 + 93 ) ।

🔹  14 अगस्त 1947 , विभाजित भारत संविधान सभा बैठक , कुल बैंठकें - 166 |

✳️ भारतीय संविधान सभा के गठन में चार कमियों :-

( i ) प्रभुसत्ता की कमी ।
( ii ) प्रातों का अनुचित वर्गीकरण ।
( iii ) देशी रियासतों को संविधान को मानने के लिए बाध्य नहीं किया ।
( iv ) संविधान सभा के सदस्यों का चयन अलोकतांत्रिक तरीके से किया गया ।

✳️  नेपाल में संविधान निर्माण विवाद :-

🔹 1948 के बाद से नेपाल में पांच संविधान बन चुके हैं - 1948 , 1951 , 1959 , 1962 , 1990 एवं 2006 के बाद बने संविधान पर विरोध जारी है । वर्तमान में मधेसी आन्दोलन इस के विरुद्ध प्रदर्शन कर रहा है । अधिकांश जनता संविधान में संशोधन चाहती है ।

✳️ एक सफल संविधान के मौलिक प्रावधान :-

🔹 प्रत्येक व्यक्ति को संविधान के प्रावधानों का आदर करने का कारण अवश्य होना चाहिए ।

🔹 बहुसंख्यको से अल्पसंख्यकों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना समान सुविधाएं उपलब्ध कराना ।

🔹  छोटे सामाजिक समूहों की शक्ति को मजबूत करना ।

🔹  समाज में सभी की स्वतंत्रता की रक्षा करना ।

✳️ भारतीय संविधान कठोर :-

🔹  संविधान कठोर है - अनुच्छेद 368 के अनुसार कुछ विषयों में संशोधन के लिए संसद के सदस्यों के दो तिहाई बहुमत के अतिरिक्त कम से कम आधे राज्यों के विधान मंडलों का समर्थन आवश्यक है । ( विशेष बहुमत ) -

✳️ भारतीय संविधान लचीलापन

भारतीय संविधान लचीलापन इसलिए क्योंकि इसमें बहुत से संशोधन प्रावधानों को संसद के साधारण बहुमत से पास कर के संशोधित कर दिया जाता है ।


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